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Tuesday, May 26, 2026

 'नयन और बानी'

हरिशंकर राढ़ी के ललित निबंध 'नयन और बानी' का लोकार्पण

ललित निबंध संग्रह का मुखपृष्ठ 
दिनांक 15 जनवरी, 2026 को दिल्ली के विश्व पुस्तक मेले के हॉल नंबर 2 में ‘सर्व भाषा ट्रस्ट’ के स्टॉल पर मेरे दूसरे ललित निबंध संग्रह के ललित निबंध संग्रह 'नयन अरु बानी' का विमोचन और लोकार्पण सम्पन्न हुआ। मेरे ललित निबंध के साथ ही उपेन्द्र कुमार मिश्र के ग़ज़ल संग्रह 'दिल के समंदर में' का भी विमोचन हुआ।

इस अवसर पर प्रसिद्ध नाटककार एवं कवि डॉ. प्रताप सहगल जी, कवयित्री डॉ. शशि सहगल जी, प्रखर आलोचक-कवि डॉ ओम निश्चल जी, कवि- लेखक और दिल्ली विश्वविद्यालय में अंग्रेजी के असोशिएट प्रो वेद मित्र शुक्ल जी, नेशनल बुक ट्रस्ट में संपादक श्री दीपक गुप्ता जी, युवा व्यंग्यकार श्री सुमित प्रताप सिंह तथा सर्व भाषा ट्रस्ट के निदेशक श्री केशव मोहन पांडेय जी की गरिमामयी उपस्थिति रही।

विमोचन करते वरिष्ठ साहित्यकार डॉ प्रताप सहगल, डॉ शशि सहगल, डॉ ओम निश्चल, डॉ वेद मित्र शुक्ल, श्री उपेन्द्र कुमार मिश्र 
विमोचन का एक और दृश्य 


कार्यक्रम का कुशल संचालन डॉ ओम निश्चल जी ने किया, जो संचालन के साथ एक सक्षम आलोचक की भूमिका में भी रहते हैं। कवि तो हैं ही। उनका बहुआयामी व्यक्तित्व कार्यक्रम को एक ऊंचाई प्रदान करता है। विमोचन में उपस्थित साहित्यकारों ने दोनों पुस्तकों और लेखकों पर अपने अमूल्य विचार रखे, जो हमारे लिए प्रेरक रहा।






विमोचन में सहधर्मिणी शशि तथा आत्मीय जन 
इस अवसर पर अनेक साहित्यकार, साहित्यप्रेमी तथा आत्मीय जन बड़ी संख्या में उपस्थित थे। इस अवसर पर उपस्थित होकर जिन आत्मीय जनों, साहित्यकारों ने हमारा उत्साहवर्धन किया, उनका बहुत-बहुत धन्यवाद और आभार!
सर्व भाषा ट्रस्ट ' के निदेशक श्री केशव मोहन पांडेय जी का हार्दिक आभार, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी इन पुस्तकों का प्रकाशन और लोकार्पण संभव कराया।