Tuesday, May 26, 2026

  'साहित्य के शनिदेव'

हरिशंकर राढ़ी के चौथे व्यंग्य संग्रह 'साहित्य के शनिदेव'का विमोचन संपन्न

साहित्य के शनिदेव 
हरिशंकर राढ़ी का चौथा व्यंग्य संग्रह 'साहित्य के शनिदेव' न्यू वर्ल्ड पब्लिकेशन नई दिल्ली से प्रकाशित होकर या गया है. इसका विश्व पुस्तक मेल नई दिल्ली में सम्पन्न हुआ। विमोचन समरोह में वरिष्ठ व्यंग्यकार श्री सुभाष चंदर, व्यंग्यकार और व्यंग्यलोचक श्री रणविजय राव, 'नई धारा' के संपादक श्री शिवनारायण जी, NBT के हिंदी संपादक श्री दीपक कुमार गुप्ता युवा व्यंग्यकार श्री सुमित प्रताप सिंह, युवा लेखक श्री सुमित राजौरा, समकालीन अभिव्यक्ति के संपादक श्री उपेंद्र कुमार मिश्र, न्यू वर्ल्ड पब्लिकेशन के श्री चंद्रा जी तथा अन्य अनेक मित्र एवं पाठकगण सम्मिलित रहे.



विमोचन करते वरिष्ठ व्यंग्यकार श्री सुभाष चंदर, रणविजय राव,
दीपक गुप्ता,उपेन्द्र कुमार मिश्र, सुमित प्रताप सिंह,
सुमित राजोरा तथा अन्य साहित्यकार 

हरिशंकर राढ़ी के इस व्यंग्य संग्रह में विभिन्न विषयों को लेकर कुल 35 व्यंग्य हैं , जो समकालीन समाज की विसंगतियों पर वार करते हैं। यह संग्रह amazon पर उपलब्ध है।




 'नयन और बानी'

हरिशंकर राढ़ी के ललित निबंध 'नयन और बानी' का लोकार्पण

ललित निबंध संग्रह का मुखपृष्ठ 
दिनांक 15 जनवरी, 2026 को दिल्ली के विश्व पुस्तक मेले के हॉल नंबर 2 में ‘सर्व भाषा ट्रस्ट’ के स्टॉल पर मेरे दूसरे ललित निबंध संग्रह के ललित निबंध संग्रह 'नयन अरु बानी' का विमोचन और लोकार्पण सम्पन्न हुआ। मेरे ललित निबंध के साथ ही उपेन्द्र कुमार मिश्र के ग़ज़ल संग्रह 'दिल के समंदर में' का भी विमोचन हुआ।

इस अवसर पर प्रसिद्ध नाटककार एवं कवि डॉ. प्रताप सहगल जी, कवयित्री डॉ. शशि सहगल जी, प्रखर आलोचक-कवि डॉ ओम निश्चल जी, कवि- लेखक और दिल्ली विश्वविद्यालय में अंग्रेजी के असोशिएट प्रो वेद मित्र शुक्ल जी, नेशनल बुक ट्रस्ट में संपादक श्री दीपक गुप्ता जी, युवा व्यंग्यकार श्री सुमित प्रताप सिंह तथा सर्व भाषा ट्रस्ट के निदेशक श्री केशव मोहन पांडेय जी की गरिमामयी उपस्थिति रही।

विमोचन करते वरिष्ठ साहित्यकार डॉ प्रताप सहगल, डॉ शशि सहगल, डॉ ओम निश्चल, डॉ वेद मित्र शुक्ल, श्री उपेन्द्र कुमार मिश्र 
विमोचन का एक और दृश्य 


कार्यक्रम का कुशल संचालन डॉ ओम निश्चल जी ने किया, जो संचालन के साथ एक सक्षम आलोचक की भूमिका में भी रहते हैं। कवि तो हैं ही। उनका बहुआयामी व्यक्तित्व कार्यक्रम को एक ऊंचाई प्रदान करता है। विमोचन में उपस्थित साहित्यकारों ने दोनों पुस्तकों और लेखकों पर अपने अमूल्य विचार रखे, जो हमारे लिए प्रेरक रहा।






विमोचन में सहधर्मिणी शशि तथा आत्मीय जन 
इस अवसर पर अनेक साहित्यकार, साहित्यप्रेमी तथा आत्मीय जन बड़ी संख्या में उपस्थित थे। इस अवसर पर उपस्थित होकर जिन आत्मीय जनों, साहित्यकारों ने हमारा उत्साहवर्धन किया, उनका बहुत-बहुत धन्यवाद और आभार!
सर्व भाषा ट्रस्ट ' के निदेशक श्री केशव मोहन पांडेय जी का हार्दिक आभार, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी इन पुस्तकों का प्रकाशन और लोकार्पण संभव कराया।